चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का इस्तेमाल अपने हथियारों के रियल वॉर टेस्ट के लिए किया: यूएस रिपोर्ट

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(१) घटनाओं और विषयों से संबंधित समाचार:
एक द्विदलीय अमेरिकी आयोग की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान चीन ने अपनी आधुनिक हथियार प्रणालियों का वास्तविक युद्ध में परीक्षण किया और उनका प्रचार किया। इन प्रणालियों में HQ-9 वायु रक्षा, PL-15 हवा से हवा मिसाइलें और J-10 लड़ाकू विमान शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन ने पाकिस्तान को अपने हथियारों की बिक्री बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया और भारत के राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया। चीन ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया और इसे भ्रामक बताया।


(२) घटनाओं और विषयों के कारण:
भारत-पाकिस्तान संघर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद बढ़ा, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें कई धमकियां नाकाम हुईं। संघर्ष के दौरान चीन ने अपनी हथियार प्रणालियों की प्रभावशीलता दिखाने और हथियार बिक्री को बढ़ावा देने का अवसर देखा।


(३) घटनाओं और विषयों से सीखे जाने वाले सबक:
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में तृतीय पक्ष देश अपनी रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिए अवसर तलाशते हैं। तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन और हथियार बिक्री में राजनीतिक लाभ उठाना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही, सूचना और दुष्प्रचार युद्ध की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए देशों को सतर्क रहकर अपनी सुरक्षा और कूटनीति नीति तैयार करनी चाहिए।

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