दुनिया की रफ्तार धीमी पर तेजी से बढ़ रही है भारतीय इकोनॉमी! चीन, जापान, फ्रांस भी पीछे… आंकड़े दे रहे गवाही

0
2

(१) घटनाओं और विषयों से संबंधित समाचार:
वैश्विक स्तर पर युद्ध, अस्थिरता और आर्थिक सुस्ती के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। जून तिमाही के आंकड़ों के अनुसार भारत की GDP वृद्धि दर 7.5% से भी अधिक रही, जो चीन (5.2%), अमेरिका (2.1%), जापान (1.2%), फ्रांस (0.7%) और जर्मनी (-0.2%) सहित कई देशों से कहीं अधिक है। हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फरमैन ने भी अपने ग्राफ में दिखाया है कि कोविड-19 के बाद भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है, जबकि अमेरिका, चीन और यूरोपीय देशों के प्रदर्शन में सुस्ती है। IMF के ताज़ा आंकड़े भी भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती मुख्य अर्थव्यवस्था बताते हैं।


(२) घटनाओं और विषयों के कारण:
भारत कीGDP वृद्धि में तेजी के पीछे कई कारक हैं—मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विस्तार, कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में बढ़ोतरी, सर्विस सेक्टर का मजबूत प्रदर्शन और ग्रामीण मांग का बढ़ना। निजी निवेश में वृद्धि, उपभोक्ता विश्वास में सुधार, वेतन वृद्धि और कृषि उत्पादन में मजबूती ने भी इस तेज़ विकास में अहम भूमिका निभाई है। IMF का अनुमान है कि 2026 में भारत की विकास दर 6.6% रहेगी, जबकि चीन की वृद्धि दर घटकर 4.8% रह सकती है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक सुस्ती के बावजूद घरेलू मांग और उत्पादन क्षमता भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूती दे रहे हैं।


(३) घटनाओं और विषयों से सीखे जाने वाले सबक:
यह स्थिति दिखाती है कि स्थिर नीतियाँ, उत्पादन आधारित विकास, सेवा क्षेत्र की मजबूती और घरेलू मांग पर निर्भरता किसी भी देश को वैश्विक आर्थिक संकटों के बीच भी मजबूत बनाए रख सकती है। भारत का उदाहरण बताता है कि सही आर्थिक रणनीति और बुनियादी ढांचे का विस्तार दीर्घकालिक विकास का आधार बन सकता है। साथ ही, यह भी सीख मिलती है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद यदि देश आंतरिक निवेश, नवाचार और उत्पादकता पर ध्यान दे, तो वह तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारत का यह प्रदर्शन अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी नीतिगत प्रेरणा का स्रोत है।

LEAVE A REPLY