कौन था अमेरिका का मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकी हिजबुल्‍ला का तबातबाई, 10 साल बाद इजरायल ने कैसे किया ढेर

0
2

(१). घटनाओं और विषयों से संबंधित समाचार:

इज़रायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के केंद्र में एक सटीक एयरस्ट्राइक कर हिज़बुल्ला के सीनियर कमांडर और चीफ ऑफ स्टाफ हैथम अली तबातबाई को मार गिराया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार यह हमला विशेष रूप से तबातबाई को निशाना बनाकर किया गया था, जो संगठन की सैन्य वृद्धि, हथियार जुटाने और सीमा-पार अभियानों की रणनीति का मुख्य नेतृत्व कर रहा था। तबातबाई हिज़बुल्ला के महासचिव नईम क़ासिम के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता था। अमेरिका ने भी 2018 में उसके बारे में सूचना देने पर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा था और 2016 से उसे वॉन्टेड आतंकवादी घोषित किया हुआ था।


(२). घटनाओं और विषयों के कारण:

इस हमले के पीछे मुख्य कारण यह था कि तबातबाई हिज़बुल्ला की सैन्य संरचना, विशेष बलों (जैसे राडवान फोर्स) और इज़रायल विरोधी अभियानों में केंद्रीय भूमिका निभा रहा था। वह सीरिया, यमन और दक्षिण लेबनान में हिज़बुल्ला के सैन्य अभियानों का संचालन कर चुका था तथा ईरान समर्थित मिलिशियाओं के साथ सक्रिय समन्वय करता था। इज़रायल 2015 से ही उसे निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पहले प्रयास में वह बच गया था। 2024 के अंत तक हिज़बुल्ला की टॉप लीडरशिप के कई सदस्यों के खत्म होने के बाद तबातबाई संगठन का सबसे प्रभावशाली सैन्य व्यक्ति बन गया था, जिसके चलते इज़रायल के लिए वह प्राथमिक लक्ष्य बन गया।


(३). घटनाओं और विषयों से सीखे जाने वाले सबक:

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय संघर्षों में उच्च-स्तरीय सैन्य नेताओं की भूमिका कितनी निर्णायक होती है और उनके खिलाफ की गई रणनीतिक कार्रवाई पूरे संगठन की शक्ति-संतुलन को प्रभावित कर सकती है। इससे यह सबक भी मिलता है कि लंबे समय तक चलने वाले गुप्त अभियानों और खुफिया समन्वय के बिना ऐसे लक्ष्यों को हासिल करना कठिन है। साथ ही, यह घटना मध्य पूर्व में जारी तनाव, शक्ति संघर्ष और आतंकवादी संगठनों व राष्ट्रों के बीच बढ़ती टकराव की जटिलता को समझने का अवसर भी देती है। अंततः यह स्थिति बताती है कि अशांति वाले क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए व्यापक कूटनीतिक, सैन्य और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की आवश्यकता होती है।

LEAVE A REPLY