१. घटनाओं और विषयों से संबंधित समाचार:
यूएई समर्थित समूह सदर्न ट्रांज़िशनल काउंसिल (एसटीसी) ने यमन के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में महत्वपूर्ण शहरों और तेल भंडारों पर दोबारा नियंत्रण कर लिया है। यह कार्रवाई 2022 के संघर्षविराम के बाद हुई शांति को तोड़ती है। इस घटनाक्रम ने यमन संकट को फिर सुर्खियों में ला दिया है और सऊदी अरब व यूएई के बीच मतभेदों को उजागर किया है।
२. घटनाओं और विषयों के कारण:
इस घटनाक्रम के पीछे सऊदी अरब और यूएई की यमन को लेकर अलग-अलग रणनीतियाँ हैं। यूएई दक्षिणी यमन में अपने प्रभाव और बंदरगाहों पर नियंत्रण बढ़ाना चाहता है, जबकि सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन करता है। एसटीसी को यूएई का समर्थन मिलने से दोनों सहयोगी देशों के बीच प्रतिस्पर्धा और अविश्वास गहराया है, जिसका असर यमन की स्थिरता पर पड़ा है।
३. घटनाओं और विषयों से सीखे जाने वाले सबक:
इस संकट से यह सबक मिलता है कि क्षेत्रीय शक्तियों के बीच मतभेद किसी भी देश में शांति प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं। बाहरी हस्तक्षेप और प्रॉक्सी संघर्ष गृहयुद्ध को लंबा खींचते हैं। स्थायी समाधान के लिए क्षेत्रीय देशों को आपसी प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर संवाद, समन्वय और यमन की संप्रभुता का सम्मान करना होगा, तभी शांति और स्थिरता संभव है।













