(१) घटनाओं और विषयों से संबंधित समाचार:
दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी20 की दक्षिण अफ्रीका में आयोजित बैठक अभूतपूर्व विवाद और तनाव के बीच समाप्त हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समिट का बायकॉट किए जाने से स्थिति बेहद असामान्य हो गई। अगले अध्यक्ष अमेरिका की गैरमौजूदगी के कारण मौजूदा अध्यक्ष और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने स्वयं गेवल बजाकर समिट के समापन की घोषणा की। अपने भाषण में उन्होंने भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया द्वारा ग्लोबल साउथ के एजेंडे को आगे बढ़ाने की प्रशंसा की। समिट में घोषणा-पत्र भी असामान्य रूप से पहले दिन ही जारी किया गया।
(२) घटनाओं और विषयों के कारण:
समिट में उत्पन्न तनाव का मुख्य कारण था अमेरिका का बायकॉट। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका पर अपने देश में रहने वाले गोरे अल्पसंख्यकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए जी20 बैठक का विरोध किया और कोई भी अमेरिकी प्रतिनिधि सम्मेलन के लिए नहीं भेजा। जब व्हाइट हाउस ने अध्यक्षता का हस्तांतरण करवाने के लिए एक जूनियर अधिकारी भेजने का प्रस्ताव रखा, तो दक्षिण अफ्रीका ने इसे अपमान बताते हुए अस्वीकार कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। इसके अलावा, रूस और चीन के शीर्ष नेताओं की अनुपस्थिति ने भी इस समिट को ऐतिहासिक रूप से असामान्य बना दिया।
(३) घटनाओं और विषयों से सीखे जाने वाले सबक:
यह घटनाक्रम दिखाता है कि वैश्विक सहयोग तभी संभव है जब देशों के बीच आपसी सम्मान और संवाद बना रहे। किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के सुचारु संचालन के लिए पारदर्शिता, कूटनीति और आपसी विश्वास आवश्यक हैं। साथ ही, यह भी स्पष्ट होता है कि मतभेदों के बावजूद साझा वैश्विक मुद्दों—आर्थिक स्थिरता, विकास और मानव कल्याण—पर एकजुट होकर काम करना समय की आवश्यकता है। ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका यह सिखाती है कि विकासशील देशों का नेतृत्व वैश्विक व्यवस्था को अधिक संतुलित और समावेशी दिशा में ले जा सकता है।













